तू

 


तू


तू कौन है, क्या है, किस लिए है? 
 मुझे नहीं पता, जो भी है जैसा भी है, तू मेरा है। 
 ये दौलत, शोहरत किस काम की? 
जब तुझमें बसती मेरी असली ख़ुशी। 
 तू है तो मेहनत से अपनी तक़दीर को भी मात देने की हिम्मत रखती हूँ। 
 तू है तो हर जंग को जीतने में एक अलग सा साहस आ जाता है। 
 तू है तो हर तूफ़ान का सामना करने की ताकत आ जाती है। 
 तू है तो हर मुश्किल को आसान बना देता है तेरा साथ। 
 तू है तो मैं मैं हूँ, तू है तो ये ख़ुशी है, तू है तो ये ज़िंदगी है।...


                                                                                               इश्क़ के अफ़साने

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