हुनर

 



हुनर 

तेरी एक आँख से बूंद निकल जाता है,

मैं वो नहीं जो सब्र कर लूँ।

मेरे चिल्लाने पर दरिया और समुंदर भी चिल्लाते हैं,

ये मेरा प्यार है, कोई और नहीं।

मैं समुंदरों के बीच में सांसें थामना जानता हूँ।

मेरे यार के आँसू निकल जाएँ,

तो मेरा यार नहीं रोएगा,

दरिया, समुंदर रोएँगे।

मैं रोने-धोने का हुनर जानता ही नहीं।

माना, बहुत लोगों को देखा था,

पर तेरे जैसा नहीं देखा।


                                                                                            इश्क़ के अफ़साने

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